Supaul Support Person Recruitment 2026: बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग के आदेशानुसार समाहरणालय, सुपौल (जिला बाल संरक्षण इकाई) द्वारा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, 2012 एवं पॉक्सो नियम, 2020 के अंतर्गत सहायक व्यक्तियों (सपोर्ट पर्सन) के पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है. इस भर्ती का मुख्य उद्देश्य पॉक्सो अधिनियम के तहत पीड़ित बच्चों को न्यायिक, मानसिक और प्रशासनिक प्रक्रिया के दौरान भावनात्मक और सामाजिक सहयोग प्रदान करना है. इस भर्ती के माध्यम से सुपौल जिले में कुल 20 पदों पर संविदा के आधार पर अस्थायी नियोजन किया जाएगा. चयनित होने वाले सपोर्ट पर्सन को प्रति केस ₹9,000 का मानदेय तीन अलग-अलग किस्तों में भुगतान किया जाएगा. आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास समाज कार्य, समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, बाल विकास या विधि (कानून) में स्नातकोत्तर (Post Graduation) की डिग्री या संबंधित क्षेत्र में स्नातक के साथ 3 वर्ष का अनुभव होना अनिवार्य है. इच्छुक और योग्य उम्मीदवार जो सुपौल जिले के स्थायी निवासी हैं, वे 07 जुलाई 2026 की शाम 05:00 बजे तक अपना आवेदन फॉर्म ऑफलाइन माध्यम से पंजीकृत डाक या हाथों-हाथ जमा कर सकते हैं. इस लेख में योग्यता, आयु सीमा, चयन प्रक्रिया और आवेदन की पूरी विस्तृत जानकारी दी गई है.
- विभागीय निकाय: समाहरणालय, सुपौल (जिला बाल संरक्षण इकाई, बिहार सरकार)
- पद का नाम: सहायक व्यक्ति (सपोर्ट पर्सन – Support Person)
- कुल विज्ञापित पद: 20 (बीस) पद (अस्थायी संविदा नियोजन)
- आवेदन की विधा: ऑफलाइन (निबंधित डाक/स्पीड पोस्ट या हाथों-हाथ)
- निर्धारित पारिश्रमिक: ₹9,000 प्रति वाद (केस) – किस्तवार शर्तों के अनुसार
- आधिकारिक कार्यक्षेत्र: सम्पूर्ण सुपौल जिला (बिहार)
- आवेदन की अंतिम तिथि: 07 जुलाई 2026 (अपराह्न 05:00 बजे तक)
- आधिकारिक वेब पोर्टल: https://supaul.nic.in
✨ सुपौल सपोर्ट पर्सन भर्ती 2026: पृष्ठभूमि, आवश्यकता और उद्देश्य
माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा वाद संख्या WP (C)- 1156/2021 “वी द वुमेन ऑफ इंडिया बनाम् भारत संघ एवं अन्य” तथा WP (C)-427/2022 “बचपन बचाओ आंदोलन बनाम् भारत संघ” में पारित ऐतिहासिक आदेशों के अनुपालन में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) द्वारा सहायक व्यक्तियों (Support Person) के लिए एक आदर्श नियमावली (Model Guidelines) जारी की गई थी. इसी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग (समाज कल्याण निदेशालय) ने “सहायक व्यक्तियों के लिए दिशा-निर्देश, बिहार 2026” को सम्पूर्ण राज्य में प्रभावी ढंग से लागू किया है.
लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम, 2012 की धारा 39 और पॉक्सो नियमावली, 2020 के नियम 5 के अंतर्गत यह कानूनी प्रावधान है कि बाल लैंगिक शोषण या दुर्व्यवहार से पीड़ित 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को न्यायिक प्रक्रिया के हर स्तर पर अनिवार्य रूप से सहायता दी जाए. न्यायिक प्रक्रिया प्रारंभ होने से पूर्व और उसके पूरी तरह समाप्त होने तक पीड़ित बालक को एक सुलभ, भयमुक्त, भेदभाव रहित और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना इस भर्ती का मुख्य लक्ष्य है.
पॉक्सो वादों के त्वरित निष्पादन और न्यायिक विचारण के समय बच्चे अक्सर बेहद तनाव, मानसिक आघात और डर के माहौल से गुजरते हैं. ऐसे में सपोर्ट पर्सन (सहायक व्यक्ति) समाज कल्याण तंत्र और पीड़ित परिवार के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करते हैं. वे पीड़ित बच्चों को अपराधियों के विरुद्ध बिना डरे प्रभावी गवाही देने के लिए तैयार करते हैं, उनके पुनर्वास की व्यवस्था संभालते हैं, तथा पुलिस थानों, अस्पतालों और विशेष न्यायालयों में बच्चे के साथ साये की तरह उपस्थित रहकर उसके सर्वोत्तम हितों की रक्षा करते हैं.
📊 रिक्तियों का विवरण एवं श्रेणीवार आरक्षण रोस्टर (Category-wise Seats)
समाहरणालय, सुपौल द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञापन के अनुसार, जिले में वर्तमान में कुल 20 (बीस) सहायक व्यक्तियों का पैनल तैयार किया जा रहा है। सामाजिक समरसता और पीड़ितों की मानसिक व सामाजिक सहजता को ध्यान में रखते हुए इस रिक्ति तालिका में बिहार सरकार के नियमों के तहत श्रेणीवार प्रतिनिधित्व लागू किया गया है, ताकि पीड़ित बच्चे और उनके परिवार काउंसलिंग के दौरान सहज महसूस कर सकें।
| पद का नाम | कुल पद | श्रेणीवार आरक्षण प्रतिनिधित्व |
|---|---|---|
| सहायक व्यक्ति (Support Person) | 20 (बीस) |
• 35 प्रतिशत: सामान्य वर्ग (General) • 25 प्रतिशत: अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) • 20 प्रतिशत: पिछड़ा/अतिपिछड़ा वर्ग (OBC/EBC) • 20 प्रतिशत: अल्पसंख्यक समुदाय (Minority) ⚠️ नोट: इन सभी वर्गों में अनिवार्य रूप से 40% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी। |
🎓 आवश्यक शैक्षणिक अर्हता, कार्यानुभव एवं आयु सीमा मानदंड
इस पद की संवेदनशीलता को देखते हुए चयन समिति द्वारा आवेदकों की शैक्षणिक योग्यता, कार्यानुभव और उनके पूर्ववृत्त के संबंध में बेहद कड़े मानक तय किए गए हैं। केवल वही अभ्यर्थी इस भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा बन सकते हैं जो नीचे दी गई समस्त शर्तों को पूर्ण रूप से पूरा करते हों:
- नागरिकता और निवास: आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए और उसके पास सुपौल जिला का स्थायी निवासी होने का वैध प्रमाण-पत्र होना अनिवार्य है।
- शैक्षणिक योग्यता (PG): समाज कार्य (MSW), समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, बाल विकास या विधि (कानून) विषय में मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर (Master’s Degree) की उपाधि हो।
- शैक्षणिक योग्यता (Alternative): यदि उम्मीदवार केवल किसी भी संकाय में स्नातक (Graduate) है, तो उसके पास बाल अधिकार (Child Rights) या परामर्शन (Counselling) में न्यूनतम एक वर्ष का डिप्लोमा कोर्स और साथ में 3 वर्ष का कार्यानुभव होना चाहिए।
- कार्यानुभव (Experience): बाल अधिकार, बाल संरक्षण, सामाजिक विधिक कार्य, बाल मनोविज्ञान परामर्शदाता या समाजशास्त्र के क्षेत्र में धरातल पर काम करने का कम से कम 03 वर्ष का कार्यानुभव होना चाहिए।
- किन्हें मिलेगी प्राथमिकता? जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU), बाल कल्याण समिति (CWC), किशोर न्याय बोर्ड (JJB), पॉक्सो न्यायालय या पूर्व की चाइल्डलाइन/चाइल्ड हेल्पलाइन सेवाओं में कार्य अनुभव रखने वालों को प्राथमिकता दी जाएगी।
- आयु सीमा: अभ्यर्थियों की न्यूनतम आयु 30 वर्ष तथा अधिकतम आयु 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
1. आवेदक के विरुद्ध भारत के किसी भी कोने में कोई भी आपराधिक मुकदमा लंबित या दर्ज नहीं होना चाहिए और न ही वे कभी नैतिक दुराचार के दोषी सिद्ध हुए हों। इसका शपथ-पत्र मूल रूप में आवेदन के साथ लगाना होगा।
2. अभ्यर्थी बाल संरक्षण या बाल विकास के क्षेत्र में कार्य कर रहे किसी भी सरकारी अथवा निजी संस्थान द्वारा कभी निष्कासित या ब्लैकलिस्टेड नहीं किया गया हो, इसका भी स्पष्ट शपथ-पत्र देना अनिवार्य है।
📝 ऑफलाइन आवेदन की चरणबद्ध प्रक्रिया एवं फॉर्म रिजेक्शन के नियम
यह भर्ती पूर्णतः गैर-डिजिटल अर्थात ऑफलाइन माध्यम से संपन्न की जा रही है। आवेदकों को बेहद सावधानीपूर्वक आधिकारिक आवेदन प्रपत्र भरकर सभी आवश्यक दस्तावेजों को संलग्न करना होगा। जरा सी असावधानी के कारण आवेदन पत्र को बिना सूचना के निरस्त किया जा सकता है।
“जिला बाल संरक्षण इकाई, यादव कॉम्प्लेक्स, पिपरा रोड, सुपौल, पिनकोड – 852131 (बिहार)”
(नोट: उम्मीदवार अपना फॉर्म कार्यालय की कार्य अवधि में स्वयं जाकर हाथों-हाथ काउंटर पर जमा कर सकते हैं या फिर निबंधित डाक (Registered/Speed Post) के माध्यम से ससमय भेज सकते हैं).
- ईमेल द्वारा आवेदन: कार्यालय के ईमेल पर भेजे गए किसी भी आवेदन को सीधे अस्वीकृत (Reject) कर दिया जाएगा, क्योंकि भौतिक रूप से हस्ताक्षरित मूल आवेदन ही मान्य है।
- बिना स्व-अभिप्रमाणन के दस्तावेज: आवेदन फॉर्म के साथ शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों, अंक पत्रों, जाति प्रमाण-पत्र, और आवासीय प्रमाण-पत्र की छायाप्रतियां लगानी होंगी, और उन सभी पर अभ्यर्थी के स्व-अभिप्रमाणित हस्ताक्षर (Self-Attested) होने अनिवार्य हैं।
- लिफाफे पर स्पष्ट निर्देश न होना: यदि आवेदन वाले मुख्य बड़े लिफाफे के ऊपर मोटे अक्षरों में स्पष्ट रूप से “पॉक्सो नियम अंतर्गत सपोर्ट पर्सन, सुपौल के लिए आवेदन” नहीं लिखा होगा, तो फॉर्म की स्क्रूटनी नहीं की जाएगी।
- समय सीमा की समाप्ति: दिनांक 07 July 2026 को शाम 05:00 बजे के बाद कार्यालय में पहुंचने वाले किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
⚖️ चयन प्रक्रिया, मेधा सूची मूल्यांकन अंक एवं ₹9000 मानदेय भुगतान नियम
प्राप्त आवेदनों की जांच जिला स्तरीय चयन समिति द्वारा की जाएगी। आवेदनों की संख्या अत्यधिक होने पर रिक्ति से कोटिवार 10 गुना अभ्यर्थियों को व्यक्तिगत साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। चयन का अंतिम मूल्यांकन कुल 100 अंकों के आधार पर किया जाएगा:
| क्र. सं. | मूल्यांकन का आधार (शैक्षणिक अर्हता व साक्षात्कार) | अधिकतम अंक |
|---|---|---|
| 1 | स्नातक डिग्री (Graduation Weightage) | 50 अंक |
| 2 | स्नातकोत्तर डिग्री (Post Graduation Weightage) | 20 अंक |
| 3 | उच्च शैक्षणिक योग्यता (Ph.D. धारक) | 10 अंक |
| 4 | व्यक्तिगत साक्षात्कार (Personal Interview) | 20 अंक |
| – | कुल मेधा अंक भारांश (Total Evaluation Marks) | 100 अंक |
सपोर्ट पर्सन को स्थायी मासिक वेतन नहीं मिलता है। उन्हें बाल कल्याण समिति द्वारा आवंटित प्रत्येक केस के सफल क्रियान्वयन के लिए कुल ₹9,000 की पारिश्रमिक राशि तीन चरणों में सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी:
- प्रथम किस्त (₹3,000): विधिवत केस आवंटित होने, एफआईआर की प्रति प्राप्त करने, न्यायालय/बोर्ड में बच्चे का बयान दर्ज होने तथा प्राथमिक चिकित्सा जांच पूरी होने पर.
- द्वितीय किस्त (₹3,000): न्यायालय में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल होने तथा कोर्ट में ट्रायल (सुनवाई) प्रक्रिया प्रारंभ होने से पूर्ण होने तक.
- तृतीय किस्त (₹3,000): विशेष न्यायालय अथवा बोर्ड द्वारा संबंधित मामले का अंतिम फैसला आने के बाद अंतिम दस्तावेज प्राप्त होने पर.
📥 Box 1: Official Notification & Application Forms
| Official Recruitment Notification PDF | यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करें |
| Application Form (विहित प्रपत्र) Link | यहाँ से फॉर्म डाउनलोड करें |
| Supaul District Official Portal | https://supaul.nic.in |
📢 हमारे आधिकारिक टेलीग्राम चैनल से जुड़ें
बिहार और सुपौल जिले की सभी सरकारी नौकरियों, संविदा भर्तियों और महत्वपूर्ण एडमिट कार्ड की अपडेट सबसे पहले पाने के लिए नीचे दिए गए लिंक से हमारे टेलीग्राम को आज ही जॉइन करें।
👉 Join Jobs Live Bihar on Telegram💬 हमारे विशेष व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल हों
पल-पल की खबरों, ऑफलाइन भर्ती फॉर्म के पीडीएफ और किसी भी प्रश्न के सीधे समाधान के लिए हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने का यह सीधा और सुनहरा मौका है।
👉 Click Here to Join WhatsApp Group❓ Box 4: बार-बार पूछे जाने वाले 6 महत्वपूर्ण प्रश्न (FAQs)
Q 1: सुपौल सपोर्ट पर्सन ऑफलाइन फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि क्या है?
Ans: सभी शैक्षणिक प्रमाण पत्रों एवं शपथ पत्रों के साथ पूरी तरह भरा हुआ आवेदन फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 07 जुलाई 2026 की शाम 05:00 बजे तक है। इसके बाद प्राप्त होने वाले आवेदनों को खारिज कर दिया जाएगा।
Q 2: क्या इस पद पर चयनित होने के बाद कोई फिक्स्ड मासिक सैलरी (Monthly Salary) मिलेगी?
Ans: नहीं, यह संविदा आधारित अस्थायी सूची है, जिसमें कोई मासिक मानदेय फिक्स नहीं होता है। सपोर्ट पर्सन को उनके द्वारा संभाले जाने वाले प्रति वाद (केस) के लिए कुल ₹9,000 दिए जाते हैं, जो कार्य की प्रगति के अनुसार 3 अलग-अलग किस्तों में मिलते हैं।
Q 3: क्या मधेपुरा, सहरसा या अन्य जिलों के निवासी इस भर्ती के लिए योग्य हैं?
Ans: जी नहीं, विज्ञापन की मूल शर्तों के अनुसार आवेदक का भारत का नागरिक होने के साथ-साथ अनिवार्य रूप से सुपौल जिला का स्थायी निवासी होना आवश्यक है। अन्य जिलों के आवेदनों को स्क्रूटनी में ही रद्द कर दिया जाएगा।
Q 4: क्या मैं अपने हस्ताक्षरित फॉर्म को स्कैन करके कार्यालय के आधिकारिक ईमेल पर भेज सकता हूँ?
Ans: बिल्कुल नहीं। ईमेल द्वारा भेजे गए आवेदनों को स्पष्ट रूप से अस्वीकृत करने का निर्देश है। केवल निबंधित डाक/स्पीड पोस्ट या कार्यालय में हाथों-हाथ जमा किए गए भौतिक आवेदन पत्र ही मान्य होंगे।
Q 5: इस पद के लिए आयु सीमा का क्या मापदंड तय किया गया है?
Ans: आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 30 वर्ष पूरी होनी चाहिए तथा अधिकतम आयु सीमा 65 वर्ष निर्धारित की गई है।
Q 6: साक्षात्कार (Interview) की तिथि और एडमिट कार्ड की सूचना हमें कैसे प्राप्त होगी?
Ans: योग्य उम्मीदवारों की शॉर्ट-लिस्टिंग, इंटरव्यू की तारीख तथा मेधा सूची से जुड़ी हर एक आधिकारिक सूचना केवल सुपौल जिले की आधिकारिक वेबसाइट https://supaul.nic.in पर ही समय-समय पर अपलोड की जाएगी।
🎯 Box 5: निष्कर्ष (Conclusion)
समाहरणालय, सुपौल (जिला बाल संरक्षण इकाई) द्वारा निकाली गई सपोर्ट पर्सन (सहायक व्यक्ति) की यह संविदा आधारित भर्ती सामाजिक उत्थान, बाल संरक्षण और कानूनी प्रक्रियाओं में रुचि रखने वाले सुपौल जिले के नागरिकों के लिए एक बेहद सम्मानजनक और उत्तम अवसर है। इस पद पर रहते हुए आप न केवल प्रशासनिक तंत्र का हिस्सा बनते हैं, बल्कि समाज के शोषित व पीड़ित बच्चों को न्यायिक लड़ाई के दौरान एक मजबूत संबल और सही दिशा प्रदान करने का पुनीत कार्य भी करते हैं। यदि आप विज्ञापन में दी गई शैक्षणिक अर्हता, कार्यानुभव तथा अनिवार्य शपथ-पत्रों की सभी शर्तों को पूरा करते हैं, तो समय सीमा (07 जुलाई 2026) का विशेष ध्यान रखते हुए अपने दस्तावेजों को स्पीड पोस्ट या हाथों-हाथ निश्चित पते पर भेज दें। आवेदन करने और फॉर्म का प्रिंट आउट लेने से पहले सुपौल जिला की ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध मूल नोटिफिकेशन को एक बार पूरी तरह से अवश्य पढ़ लें।

मुकेश कुमार (Mukesh Kumar) एक डिजिटल क्रिएटर, ब्लॉगर और JobsLiveBihar.com के संस्थापक हैं। बिहार और झारखंड क्षेत्र में सरकारी नौकरियों, संविदा भर्तियों, और शैक्षणिक अपडेट्स की सबसे सटीक और तेज़ जानकारी साझा करने में इन्हें महारत हासिल है। इनका मुख्य उद्देश्य छात्रों तक सही समय पर सही भर्ती की जानकारी पहुँचाना है। इनके द्वारा लिखे गए लेख छात्रों के लिए बेहद उपयोगी और भरोसेमंद होते हैं।