Jobs Live Bihar में आपका स्वागत है! बिहार के आम नागरिकों, वाहन खरीदारों और बिजनेस करने वाले युवाओं के लिए बिहार सरकार की तरफ से एक बेहद बड़ी और कल्याणकारी योजना की विस्तृत जानकारी सामने आई है। बढ़ते प्रदूषण को रोकने और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से राहत देने के लिए राज्य सरकार द्वारा ‘बिहार इलेक्ट्रिक वाहन नीति’ को पूरे राज्य में लागू किया गया है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य बिहार को इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में एक आदर्श राज्य बनाना और गाड़ियों से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करना है।
इस सरकारी नीति के तहत अगर आप बिहार में कोई भी नई इलेक्ट्रिक दोपहिया (स्कूटी/मोटरसाइकिल) या चारपहिया (कार) गाड़ी खरीदते हैं, तो सरकार आपको सीधे बैंक खाते में भारी कैश सब्सिडी दे रही है। इसके साथ ही गाड़ियों के निबंधन (रजिस्ट्रेशन) के समय लगने वाले मोटर वाहन टैक्स में 75% तक की भारी छूट दी जा रही है। इतना ही नहीं, जो लोग राज्य में इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन खोलना चाहते हैं, उन्हें भी सरकार की तरफ से मशीनरी और लगाने के खर्च पर भारी सब्सिडी दी जा रही है। इस नीति के तहत मिलने वाले सभी लाभ, सब्सिडी के नियम और पूरी जानकारी नीचे विस्तार से दी गई है।
Bihar Electric Vehicle (EV) Policy 2026 Overview
गाड़ियों की खरीद पर मिलने वाली सब्सिडी और टैक्स छूट:
| वाहन का प्रकार | नकद सब्सिडी (अधिकतम) | टैक्स में छूट |
|---|---|---|
| इलेक्ट्रिक दुपहिया (प्रथम 10,000 वाहन) |
SC/ST: रु 10,000 अन्य वर्ग: रु 7,500 |
75% छूट |
| इलेक्ट्रिक चारपहिया (प्रथम 1,000 वाहन) |
SC/ST: रु 1,50,000 अन्य वर्ग: रु 1,25,000 |
75% छूट |
| शुरुआती कोटा के बाद (दुपहिया और चारपहिया) |
लागू नहीं | 50% छूट |
| तिपहिया एवं हल्के मालवाहक | परमिट शुल्क में छूट | 50% छूट |
बिहार EV नीति से जुड़ी मुख्य बातें (Key Points):
नीति की अवधि: यह नीति अधिसूचना जारी होने की तिथि से अगले 5 वर्षों (2028 तक) के लिए प्रभावी रहेगी।
टैक्स और परमिट में छूट: राज्य में क्रय और निबंधित होने वाले सभी नए इलेक्ट्रिक वाहनों को मोटर वाहन टैक्स और परमिट शुल्क में विशेष रियायत दी जाएगी।
स्क्रैपिंग इंसेंटिव: भारत सरकार के नियमों के अनुसार जो उपभोक्ता अपने पुराने वाहनों को स्क्रैप (कबाड़) करेंगे, वे अतिरिक्त स्क्रैपिंग प्रोत्साहन के भी पात्र होंगे।
चार्जिंग स्टेशन पर भारी सब्सिडी (3 वर्षों तक देय):
• कोटि-1 (धीमा/मध्यम AC चार्जर): उपकरण खरीद पर 75% और स्थापना खर्च के रूप में 10,000 रुपये (अधिकतम 50,000 रुपये तक का अनुदान)।
• कोटि-2 और 3 (तेज AC और धीमा DC चार्जर): उपकरण खरीद पर 75% और स्थापना खर्च के रूप में 25,000 रुपये (अधिकतम 1,50,000 रुपये तक का अनुदान)।
• कोटि-4 (तेज CCS/CHAdeMO चार्जर): उपकरण खरीद पर 50% और स्थापना खर्च के रूप में 1,000,000 रुपये (अधिकतम 10,000,000 रुपये तक का भारी अनुदान)।
बिजली बिल में सब्सिडी: सभी सार्वजनिक और अर्ध-सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों को पहले 3 वर्षों के लिए पावर टैरिफ में 30% तक का अनुदान दिया जाएगा, जो सीधे उपभोक्ताओं के बिल पर भी दिखेगा।
पार्किंग में विशेष लाभ: बिहार के शहरों में नगर निकायों द्वारा सिटी पार्किंग प्लान के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए कम दरों (अनुदानित दर) पर पार्किंग और ऑन-स्ट्रीट चार्जिंग की व्यवस्था की जाएगी।
Bihar Me Charging Station Kaise Khole 2026
चार्जिंग स्टेशन लगाने के मुख्य नियम
1. निजी चार्जिंग स्टेशन: आवासीय भवनों या सोसायटियों के मालिक जिनके पास कम से कम 5 कार पार्किंग की जगह है, वे अपने निजी उपयोग के लिए कोटि-1 का चार्जर लगा सकते हैं और सरकारी अनुदान पा सकते हैं।
2. अर्ध-सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन: मॉल, अस्पताल, होटल, मार्केट एसोसिएशन या बड़े व्यावसायिक परिसरों के मालिक अपने यहाँ आम लोगों के लिए सीमित उपयोग हेतु एक स्थान पर अधिकतम 5 चार्जर लगाकर सरकारी प्रोत्साहन का लाभ ले सकते हैं।
3. सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन (PCS): पूर्णतः व्यावसायिक उपयोग के लिए कोई भी व्यक्ति अपनी निजी भूमि पर या सरकारी भूमि को लीज/भाड़े पर लेकर सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित कर सकता है। पेट्रोल पंप मालिकों को भी अपने परिसर में इसे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
4. अनिवार्य शर्तें: सब्सिडी का लाभ केवल उन्हीं चार्जरों पर दिया जाएगा जो भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के मापदंडों और ‘भारत ईवी चार्जर’ की तकनीकी विशिष्टिताओं को पूरी तरह पूरा करते हों।
5. आवेदन की प्रक्रिया: परिवहन विभाग द्वारा सब्सिडी के पैसों के भुगतान और इसकी पूरी मॉनिटरिंग के लिए एक विशेष ऑनलाइन प्रणाली और पोर्टल विकसित किया जा रहा है, जिसकी विस्तृत गाइडलाइन समय-समय पर जिला परिवहन कार्यालय (DTO) के माध्यम से जारी की जाएगी।

मुकेश कुमार (Mukesh Kumar) एक डिजिटल क्रिएटर, ब्लॉगर और JobsLiveBihar.com के संस्थापक हैं। बिहार और झारखंड क्षेत्र में सरकारी नौकरियों, संविदा भर्तियों, और शैक्षणिक अपडेट्स की सबसे सटीक और तेज़ जानकारी साझा करने में इन्हें महारत हासिल है। इनका मुख्य उद्देश्य छात्रों तक सही समय पर सही भर्ती की जानकारी पहुँचाना है। इनके द्वारा लिखे गए लेख छात्रों के लिए बेहद उपयोगी और भरोसेमंद होते हैं।